तारातला हादसे में पूर्व मेयर फिरहाद एवं दो पार्षदों के नाम शिकायत दर्ज; मरने वालों की संख्या हुई 17
इस अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच देश की राजधानी दिल्ली का सियासी पारा भी उबाल पर है। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण चल रहा है और विपक्ष ने गैस संकट, संभावित महंगाई और भू-राजनीतिक अस्थिरता के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति अपना ली है।
ईरान में छिड़े युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चैन बुरी तरह चरमरा गई है, जिसका सीधा और गंभीर असर भारत पर भी पड़ा है। भारत में एलपीजी गैस संकट खड़ा हो गया है। भारत की 80-85% एलपीजी गैस आयात पर निर्भर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की खेप रुकने से देश के कई राज्यों में गैस सिलेंडरों की किल्लत शुरू हो गई है, जिससे आम आदमी की रसोई से लेकर व्यावसायिक प्रतिष्ठान तक प्रभावित हैं। सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के उपाय किए हैं, लेकिन संकट गहराता जा रहा है। इस अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच देश की राजधानी दिल्ली का सियासी पारा भी उबाल पर है। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण चल रहा है और विपक्ष ने गैस संकट, संभावित महंगाई और भू-राजनीतिक अस्थिरता के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति अपना ली है। एक तरफ वैश्विक कूटनीति की चुनौती है, तो दूसरी तरफ घरेलू राजनीति का दबाव; ये दोनों मोर्चे आज देश की सबसे बड़ी और अहम खबर बने हुए हैं।
लोकसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस सदस्यों ने एलपीजी के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करते हुए शोर-शराबा किया, जिसके बाद सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई। सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे फिर शुरू हुई तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनके खिलाफ विपक्ष के संकल्प पर हुई सदन में पिछले दो दिन की चर्चा पर अपने विचार रखे। उनका कहना था कि उन्होंने निष्पक्षता और नियमों के अनुरूप सदन की कार्यवाही संचालित करने का प्रयास किया है तथा किसी भी सदस्य को नियमों से परे जाकर बोलने का विशेषाधिकार नहीं है। इसके बाद बिरला ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए।